डीलक्स 250 एमजी टैबलेट (Dilex 250 MG Tablet)

डीलक्स 250 एमजी टैबलेट (Dilex 250 MG Tablet) के बारे में जानकारी

डीलक्स 250 एमजी टैबलेट (Dilex 250 MG Tablet) एक एंटीकॉन्वेलसेंट है जिसका उपयोग दौरे और माइग्रेन के सिरदर्द को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इस दवा को एक ही समय पर नियमित रूप से लें। यदि आप बिगड़े हुए लिवर फंक्शन से पीड़ित हैं, तो इस दवा को न लें।

बिल्कुल निर्देशित के रूप में लें (खुराक या आवृत्ति में वृद्धि न करें या प्रिस्क्राइबर के परामर्श के बिना बंद करें)। डीलक्स 250 एमजी टैबलेट (Dilex 250 MG Tablet) का उपयोग करते समय, प्रिस्क्राइबर की सलाह के बिना अल्कोहल और अन्य नुस्खे या ओटीसी दवाओं (विशेष रूप से दर्द की दवाएँ, शामक, एंटीहिस्टामाइन या हिप्नोटिक्स) का उपयोग न करें।

पर्याप्त जलयोजन बनाए रखें (तरल पदार्थ के 2-3 एल / दिन जब तक तरल पदार्थ का सेवन प्रतिबंधित करने का निर्देश नहीं दिया गया)। आप उनींदापन, चक्कर आना, या धुंधली दृष्टि का अनुभव कर सकते हैं (ड्रग का जवाब देने तक सतर्कता की आवश्यकता वाले कार्यों में ड्राइविंग या संलग्न करते समय सावधानी बरतें); मतली, उल्टी, भूख में कमी, या शुष्क मुंह (छोटे लगातार भोजन, लगातार मुंह की देखभाल, चबाने वाली गम या चूसने वाली लोज़ेन्ग मदद कर सकते हैं)। मिर्गी की स्थिति और दवाओं की पहचान पहनें।

रिपोर्ट सीएनएस परिवर्तन, उल्लेख परिवर्तन, या अनुभूति में परिवर्तन; मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, कंपकंपी, चाल में बदलाव; लगातार जीआई लक्षण (ऐंठन, कब्ज, उल्टी, एनोरेक्सिया); दाने या त्वचा की जलन; असामान्य चोट या रक्तस्राव (मुंह, मूत्र, मल); सीज़र गतिविधि की बिगड़ती, या सीज़र नियंत्रण की हानि।

ओवरडोज के लक्षणों में चक्कर आना, उनींदापन, मतली, उल्टी, कंपकंपी, व्याकुलता, न्यस्टागमस, मूत्र प्रतिधारण, डिस्प्रियासिस, कोमा, दौरे, मरोड़, श्वसन डिप्रेशन, न्यूरोमस्कुलर गड़बड़ी शामिल हैं।

सामान्य सहायक देखभाल प्रदान करें। सक्रिय चारकोल कुछ रसायनों को बांधने में प्रभावी है और यह कार्बामाज़ेपाइन के लिए विशेष रूप से सच है; एक अन्य उपचार सहायक / रोगसूचक है।

उपचार में उत्प्रेरण उत्सर्जक या गैस्ट्रिक लैवेज होता है। हृदय की शिथिलता का पता लगाने के लिए ईकेजी की निगरानी भी की जानी चाहिए। अंतर्ग्रहण के बाद कई दिनों तक ब्लड प्रेशर, शरीर के तापमान, प्यूपिलरी रिफ्लेक्सिस, मूत्राशय की कार्यप्रणाली की निगरानी करें।

यहां दी गई जानकारी साल्ट (सामग्री) पर आधारित है. इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स एक से दूसरे व्यक्ति पर भिन्न हो सकते है. दवा का इस्तेमाल करने से पहले Psychiatrist से परामर्श जरूर लेना चाहिए.

क्या होती हैं Hybrid car? और कैसे करती हैं काम, समझे पूरी ABCD आसानी भाषा में

अगर आपको नही पता है की एडीएक्स कैसे काम करता है हाइब्रिड कार क्या होती हैं, इनके क्या फ़ायदे हैं? हम आपको इस आर्टिकल में हाइब्रिड कार से जुड़ी सभी जानकरियां देने वाले हैं.

By: ABP Live | Updated at : 16 Jun 2022 07:35 PM (IST)

क्या होती हैं हाईब्रिड कारें (प्रतीकात्मक फोटो)

Hybrid Cars- हाइब्रिड कार क्या होती है? और इनका फंक्शन कैसे वर्क करता है? इन सब के बारे में काफी कम ही लोगों को पता रहता है, लेकिन इन दिनों भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ हाइब्रिड कार सेगमेंट की कारें भी काफी चर्चा में देखने को मिल रहीं है और हाइब्रिड कारों में लोगों की काफी दिलचस्पी भी देखने को मिली है. आपको बता दें कि, जो हाइब्रिड गाड़ियां होती हैं वह इलेक्ट्रिक गाड़ी एडीएक्स कैसे काम करता है और फ्यूल गाड़ी का एक तरह से मिश्रण होती है और ऐसा कहा जाता है की फ्यूल गाड़ी की तुलना में हाइब्रिड गाड़ियां आपको बेहतर माइलेज उपलब्ध करवाती है. कुछ हाइब्रिड गाड़ियां जैसे महिंद्रा अल्टुरस G4, Honda City हाइब्रिड 2022 और MG एस्टर, ऑटो बाजार में प्रमुख मौजूदा गाड़ियां हैं, तो चलिए आपको बता देते हैं कि हाइब्रिड गाड़ियां क्या होती हैं? और यह कैसे काम करती हैं ? जिससे हाइब्रिड कार सेगमेंट की गाड़ियों को खरीदने में आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े.

हाइब्रिड कारों के काम करने का तरीका- दो मोटरों से लैस हाइब्रिड कार में, पहला पेट्रोल इंजन होता है जो आपको किसी नॉर्मल फ्यूल इंजन वाली कार की तरह ही देखने को मिलता है, वहीं दूसरा - एक इलेक्ट्रिक मोटर इंजन होता है, जो आपको इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में देखने को मिलता हैं, साथ ही इन दोनों की पावर का यूज गाड़ी को चलाने में किया जाता है. जब कार फ्यूल इंजन से चलती है तब उसके बैटरी को भी पावर मिलती है जिससे बैटरी अपने आप ही चार्ज हो जाती है और आवश्यकता के समय अतिरिक्त पावर के तौर पर किसी इंजन की तरह काम में आती है.

दो तरह की होती हैं हाइब्रिड कारें- हाइब्रिड कारों में आपको, सीरीज हाइब्रिड कार और पैरेलल हाइब्रिड कार नामक दो प्रमुख प्रकार देखने को मिलते हैं. पैरेलल हाइब्रिड कारों की बात करें तो इसमें, कार को पॉवर फ्यूल मोटर और इलेक्ट्रिक एडीएक्स कैसे काम करता है मोटर दोनों से मिलती है जिससे यह अधिक क्षमता के साथ काम करती है वहीं सीरीज हाइब्रिड कारों में फ्यूल मोटर, इंजन मोटर के साथ-साथ बैटरी को भी पावर देता है, जब फ्यूल इंजन बंद हो जाता है तो बैटरी पैक से कार को पॉवर मिलती है.

इन कारों के फायदें- माइलेज के मामले में हाइब्रिड कारें काफी किफायती होती है क्योंकि बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर जो इंजन के साथ वर्क करती है, वो कार के लोड को कम करती है जिसके कारण कार की माइलेज बढ़ जाती है. वहीं इसके हाइब्रिड कारों में उम्दा पिकअप भी देखने को मिलता है. क्योंकि हाइब्रिड कारों में मोटर इंजन और बैटरी पैक दोनों प्रकार के मोटर का सपोर्ट होता है.

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पेट्रोल कारों की तुलना में होती हैं किफायती- अगर एक शानदार राइडिंग की बात करें तो हाइब्रिड कारें सामान्य पेट्रोल कारों की तुलना में काफी किफायती होती हैं. इसका कारण यह है कि पेट्रोल कारों की तुलना में हाइब्रिड कारों का रनिंग कॉस्ट कम होता है. वहीं आपको बता दें कि हाइब्रिड कारों का इंजन जटिल स्ट्रक्चर का बना होता है, अगर यह खराब होता है तो इसके रिपेयरिंग कॉस्ट में खर्चा ज्यादा आता है.

भारत में मौजूद हैं ये विकल्प- मार्केट में कई हाइब्रिड कारें आपको दिख जाएंगी जैसे- Honda City हाइब्रिड, टोयोटा ग्लैंजा, पोर्शे, MG हेक्टर, लेक्सस ES, वोल्वो XC90 और BMW 7 सीरीज की कारें आदि.

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Published at : 16 Jun 2022 08:17 PM (IST) Tags: MG Hector Toyota Glanza Honda City Hybrid 2022 Mahindra Altures G4 Lexus ES Volvo xc90 BMW 7 series हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Auto News in Hindi

PAN Card की पूरी ABCD. नंबरों के पीछे छुपी है आपके काम की बड़ी जानकारी

पैन कार्ड एक ऐसा कार्ड है, जिस पर लिखा परमानेंट नंबर में हर तरह की जानकारी होती है. इन नंबरों में छुपी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए जरूरी होती है.

पैन कार्ड नंबर एक 10 डिजिट का खास नंबर होता है, जो लेमिनेटेड कार्ड के रूप में आता है.

पैन कार्ड एक ऐसा कार्ड है, जिस पर लिखा परमानेंट नंबर में हर तरह की जानकारी होती है. इन नंबरों में छुपी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए जरूरी होती है. इसको ध्यान में रखकर ही डिपार्टमेंट हर व्यक्ति को पैन कार्ड जारी करता है. हालांकि, यह जानकारी पैन कार्ड धारक को नहीं होती. पैन कार्ड और इस पर छपे परमानेंट अकाउंट नंबर से जुड़ी पूरी जानकारी क्या होती है? पैन कार्ड पर मौजूद नंबर का क्या मतलब होता है? समझिए

अक्षरों में छुपा होता है सरनेम
पैन कार्ड पर कार्डधारक का नाम और डेट ऑफ बर्थ तो लिखी ही होती है, लेकिन पैन कार्ड के नंबर में आपका सरनेम भी छुपा होता एडीएक्स कैसे काम करता है है. पैन कार्ड का पांचवां डिजिट आपके सरनेम को दर्शाता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कार्डधारक के सरनेम को ही अपने डाटा में दर्ज रखता है. इसलिए अकाउंट नंबर में भी उसकी जानकारी होती है. हालांकि, इस बात की जानकारी टैक्स डिपार्टमेंट कार्डधारक को नहीं देता.

टैक्स से लेकर क्रेडिट कार्ड तक होती है निगरानी
पैन कार्ड नंबर एक 10 डिजिट का खास नंबर होता है, जो लेमिनेटेड कार्ड के रूप में आता है. इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उन लोगों को इश्यू करता है, जो पैन कार्ड के लिए अर्जी देते हैं. पैन कार्ड बन जाने के बाद उस व्यक्ति के सारे फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन डिपार्टमेंट के पैन कार्ड से लिंक्‍ड हो जाते हैं. इनमें टैक्स पेमेंट, क्रेडिट कार्ड से होने वाले फाइनेंशियल लेन-देन सभी कुछ डिपार्टमेंट की निगरानी में रहते हैं.

डिपार्टमेंट तय करता है नंबर
इस नंबर के पहले तीन डिजिट अंग्रेजी के लेटर्स होते हैं. यह AAA से लेकर ZZZ तक कोई भी लेटर हो सकता है. ताजा चल रही सीरीज के हिसाब से यह तय किया जाता है. यह नंबर डिपार्टमेंट अपने हिसाब से तय करता है.

पैन कार्ड नंबर का चौथा डिजिट भी अंग्रेजी का ही एक लेटर होता है. यह पैन कार्डधारी का स्टेटस बताता है. इसमें-
यह हो सकता है चौथा डिजिट.
P- एकल व्यक्ति
F- फर्म
C- कंपनी
A- AOP (एसोसिएशन ऑफ पर्सन)
T- ट्रस्ट
H- HUF (हिन्दू अनडिवाइडिड फैमिली)
B- BOI (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल)
L- लोकल
J- आर्टिफिशियल जुडिशियल पर्सन
G- गवर्नमेंट के लिए होता है

सरनेम के पहले अक्षर से बना पांचवां डिजिट
पैन कार्ड नंबर का पांचवां डिजिट भी ऐसा ही एक अंग्रेजी का लेटर होता है. यह डिजिट पैन कार्डधारक के सरनेम का पहला अक्षर होता है. यह सिर्फ धारक पर निर्भर करता है. गौरतलब है कि इसमें सिर्फ धारक का लास्ट नेम ही देखा जाता है.

इसके बाद पैन कार्ड में 4 नंबर होते हैं. ये नंबर 0001 से लेकर 9999 तक कुछ भी हो सकते हैं. आपके पैन कार्ड के ये नंबर उस सीरीज को दर्शाते हैं, जो मौजूदा समय में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में चल रही होती है. इसका आखिरी डिजिट एक अल्फाबेट चेक डिजिट होता है, जो कोई भी लेटर हो सकता है.

कहां-कहां है पैन कार्ड जरूरी
पैन कार्ड की मदद से आपको विभिन्न वित्तीय लेन-देन में आसानी होती है. इसकी मदद से आप बैंक खाता और डीमैट खाता खोल सकते हैं. इसके अलावा प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के लिए भी यह जरूरी होता है. दरअसल, पैन कार्ड टैक्सेबल सैलरी के साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए भी जरूरी है. चूंकि पैन कार्ड पर नाम और फोटोग्राफ होते हैं, ऐसे में यह आइडेंटिटी प्रूफ के तौर पर भी काम करता है. भले ही आपका पता बदलता रहे, लेकिन पैन नंबर नहीं बदलता. ऊंची दर पर टैक्स डिडक्शन से बचने के लिए पैन कार्ड जरूरी होता है. दरअसल, जब आप 50 हजार रुपए से ज्यादा की राशि से एफडी शुरू करते हैं तो पैन कार्ड की फोटोकॉपी देनी होती है. पैन के अभाव में ऊंची दर पर आपका टीडीएस काट लिया जाएगा.

इन परिस्थितियों में भी है पैन कार्ड जरूरी
=> दो पहिया के अलावा किसी दूसरे वाहन की खरीद-बिक्री
=> किसी होटल या रेस्तरां में एक बार में 25 हजार रुपए से ज्यादा का बिल
=> शेयरों की खरीददारी के लिए किसी कंपनी को 50 हजार रुपए या इससे ज्यादा का भुगतान
=> बुलियन या ज्वैलरी की खरीदारी के लिए पांच लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान
=> पांच लाख रुपए या इससे ज्यादा कीमत की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री
=> बैंक में 50 हजार रुपए से ज्यादा जमा करने के दौरान
=> विदेश यात्रा के संबंध में 25 हजार रुपए से ज्यादा का भुगतान
=> बॉन्ड खरीदने के लिए RBI को 50 हजार रुपए या इससे ज्यादा का भुगतान
=> बॉन्ड या डिबेंचर खरीदने के लिए किसी कंपनी या संस्था को 50 हजार रुपए से ज्यादा का भुगतान
=> म्यूचुअल फंड की खरीदारी

क्या है Pegasus और इससे कैसे बच सकते हैं आप? यहां जानिए इस स्पाइवेयर की पूरी ABCD

Pegasus स्पाइवेयर को क्यू सूट और ट्राइडेंट जैसे दूसरे नामों से भी जाना जाता है. स्पाइवेयर एपल के आईओएस में भी घुसपैठ कर सकता है, यही वजह है कि इसे उपलब्ध सबसे रिफाइंड प्रोडक्ट्स में से एक के रूप में जाना जाता है.

क्या है Pegasus और इससे कैसे बच सकते हैं आप? यहां जानिए इस स्पाइवेयर की पूरी ABCD

पेगासस (Pegasus) डेवलप करने के आरोप में इजरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप (NSO Group) एक बार फिर सुर्खियों में है. पेगासस एक स्पाइवेयर है जिसका इस्तेमाल कंपनी सरकार, पत्रकारों और राजनेताओं सहित प्रमुख हस्तियों की जासूसी करने के लिए करती है. हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सरकारी एजेंसियों द्वारा किसी भी अनधिकृत अवरोधन (अनअथोराइज्ड इंटरसेप्शन) से इनकार किया है.

आईटी मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “विशिष्ट लोगों पर सरकारी निगरानी के आरोपों का कोई ठोस आधार या इससे जुड़ा कोई सच नहीं है.” मंत्रालय ने कहा कि सरकार अपने सभी नागरिकों के प्राइवेसी के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. फिर भी पेगासस स्पाइवेयर का एक चिंताजनक पहलू यह है कि यह स्पीयर-फ़िशिंग मेथड के उपयोग से जीरो-क्लिक अटैक्स तक डेवलप हुआ है, जिसके लिए यूजर से किसी भी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होती है. इसका पता लगाना या रोकना लगभग असंभव बना देता है और यकीनन ये दुनिया का सबसे पावरफुल स्पाइवेयर भी है.

पेगासस क्या है?

Pegasus एक ऐसा सॉफ़्टवेयर है, जिसे आपके डिवाइस की सभी एक्टिविटी को ट्रैक करने के लिए एक अटैकर द्वारा आपके स्मार्टफ़ोन पर इंस्टॉल किया जा सकता है. स्पाइवेयर मूल रूप से 2016 में सुर्खियों में आया था, जब संयुक्त अरब अमीरात के मानवाधिकार कार्यकर्ता अहमद मंसूर को अपने फोन पर एक लिंक के साथ देश में प्रताड़ित कैदियों के बारे में एक टेक्स्ट मैसेज मिला, जिसे उन्होंने सिटीजन लैब के रिसर्चर्स को भेजा था. जांच के बाद, यह पाया गया कि लिंक एनएसओ ग्रुप से संबंधित बेसिक स्ट्रक्चर से जुड़े हुए थे. तब से स्पाइवेयर बहुत डेवलप हो गया है और अब एक जीरो-क्लिक अटैक बनने में कामयाब रहा है. इसका मतलब है कि टारगेट यूजर को स्पाइवेयर इंस्टॉल करने के लिए कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है, इस प्रकार इसका पता लगाना या रोकना असंभव हो जाता है.

पेगासस स्पाइवेयर को क्यू सूट और एडीएक्स कैसे काम करता है ट्राइडेंट जैसे दूसरे नामों से भी जाना जाता है. स्पाइवेयर एपल के आईओएस में भी घुसपैठ कर सकता है, यही वजह है कि इसे उपलब्ध सबसे रिफाइंड प्रोडक्ट्स में एडीएक्स कैसे काम करता है से एक के रूप में जाना जाता है. बता दें पेगासस का उपयोग सरकारों द्वारा प्रति-लाइसेंस के आधार पर किया जाना था. हालांकि, मई 2019 में, कंपनी ने राज्य की खुफिया एजेंसियों और अन्य को स्पाइवेयर की बिक्री सीमित कर दी थी.

एनएसओ ग्रुप अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताता है कि वह सरकारी एजेंसियों की मदद करने, आतंकवाद और अपराध को रोकने और उसकी जांच करने के लिए सॉफ्टवेयर बनाता है. कंपनी यह भी कहती है कि उसके पास संविदात्मक दायित्व हैं जिसके लिए उसके ग्राहकों को अपने उत्पादों के उपयोग को गंभीर अपराधों की रोकथाम और जांच तक सीमित करने की आवश्यकता है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनका उपयोग मानव अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए नहीं किया जाएगा.

Pegasus कैसे काम करता है?

पेगासस अब एक जीरो-क्लिक अटैक है, जो अटैकवर को बिना किसी मानवीय संपर्क के टारगेट यूजर के डिवाइस पर कंट्रोल हासिल करने की अनुमति देता है. यह सॉफ्टवेयर का उपयोग करने पर निर्भर करता है, जो डिवाइस से पहले डेटा प्राप्त करता है यह निर्धारित कर सकता है कि डेटा एक भरोसेमंद सोर्स से आ रहा है या नहीं.

Apple स्मार्टफ़ोन पर, स्पाइवेयर मेल ऐप में एक क्रैक का लाभ उठा रहा था, जिसे कथित तौर पर अप्रैल 2020 में एडीएक्स कैसे काम करता है पैच कर दिया गया था. उसके बाद, इस प्रोग्राम ने Apple वायरलेस डिवाइस लिंक (AWDL) को टारगेट किया.

Android डिवाइस पर, स्पाइवेयर वर्जन 4.4.4 और उसके बाद एडीएक्स कैसे काम करता है के वर्जन चलाने वाले फोन्स की ग्राफ़िक्स लाइब्रेरी को टारगेट कर रहा था. कई अटैकर्स ने Whatsapp में कमजोरियों का फायदा भी उठाया है.

Pegasus से आप खुद को कैसे बचा सकते हैं?

पेगासस और अन्य जीरो-क्लिक हमलों का पता लगाना बहुत कठिन हो गया है, विशेष रूप से एन्क्रिप्टेड एनवायरमेंट में जहां डेटा पैकेट पर कोई विजिबिलिटी नहीं है. हालांकि, यूजर अभी भी अपनी सुरक्षा के लिए कुछ कदम उठा सकते हैं. पहला कदम यह होगा कि आप अपने स्मार्टफोन को अपडेट रखें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिन कमजोरियों को देखा गया है, उनके लिए पैच उपलब्ध हैं. दूसरा ऑपरेटिंग सिस्टम पर किसी भी ऐप को साइडलोड नहीं करना चाहिए. अंत में, यूजर ऐप्स का एडीएक्स कैसे काम करता है उपयोग करना बंद कर सकते हैं और वेब ब्राउज़र पर ईमेल, सोशल मीडिया आदि की जांच करने के लिए स्विच कर सकते हैं.

एडीएक्स कैसे काम करता है

Hybrid Car क्या होती हैं और कैसे काम करती हैं? यहां समझिए पूरी ABCD

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ऑटो न्यूज डेस्क - भारत में इन दिनों इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ हाइब्रिड कार सेगमेंट की कारों की भी खूब चर्चा हो रही है। मारुति सुजुकी ने अपनी ग्रैंड विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर हैदर एसयूवी पेश की। ये दोनों ही हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं और देश में सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली SUVs हैं. इनका माइलेज 28Kmpl तक है। इसके अलावा Honda City, Volvo XC90, Lexus NX सहित कई अन्य वाहनों में भी यह फीचर उपलब्ध है। तो आइए समझते हैं कि हाइब्रिड कार क्या है और यह कैसे काम करती है?

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दरअसल हाइब्रिड कार में आपको पेट्रोल इंजन के साथ एक अतिरिक्त इलेक्ट्रिक मोटर भी देखने को मिलती है। यह बैटरी पैक ईंधन की खपत को कम करता है, जिससे कार को बेहतर माइलेज मिलता है। हालांकि, खास बात यह है कि आपको इसकी बैटरी को अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं है। यह जरूरत के हिसाब से खुद को चार्ज करता रहता है।

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हाइब्रिड कारों को चलाने के लिए दो चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, एक पेट्रोल इंजन के साथ-साथ एक इलेक्ट्रिक मोटर भी लगाई जाती है। कार चलाने के लिए जितना हो सके बैटरी का इस्तेमाल करती है। लेकिन जब ज्यादा बिजली की जरूरत होती है या बैटरी खत्म हो रही होती है, तो यह पेट्रोल इंजन में शिफ्ट हो जाती है। इस दौरान पेट्रोल इंजन बैटरी भी चार्ज करता है। खास बात यह है कि बैटरी से पेट्रोल और पेट्रोल से बैटरी में शिफ्ट होने की प्रक्रिया बहुत ही स्मूद है और आपको इसका अहसास भी नहीं होता है।

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